पत्रकार सुरक्षा कानून को महाराष्ट्र की तर्ज पर हर प्रदेश में लागू करने की आवश्यकता

गाजीपुर। सच को उजागर करना पत्रकारों का अहम कर्तव्य है और आज सच को उजागर करने पर पत्रकारों पर झूठे मुकदमें व हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। देश के विभिन्न राज्यों में पत्रकारों पर आये दिन हो रहे हमलों से व्यथित पत्रकारों की संस्था जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया ने गहरी चिंता व्यक्त की है। जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग सक्सेना ने कहा कि आज सच को दिखाना, सच का उजागर करना पत्रकारों के लिए दिन पर दिन मुश्किल होता जा रहा है।

अभी हाल ही में विलासपुर छत्तीसगढ मे पत्रकार तपन गोस्वामी पर भू-माफियाओं द्वारा जानलेवा हमला होना, मध्यप्रदेश मे ग्रामीणों के आरोप पर विधायक के खिलाफ खबर दिखाये जाने पर भाजपा कार्यकर्ताओ द्वारा पत्रकार नीरज सोनी पर मुकदमा दर्ज होना, झारखंड के लालपुर थाना क्षेत्र मे वरिष्ठ पत्रकार महादेव सेन, उनके पुत्र व भाई के साथ मारपीट, उत्तर प्रदेश के अयोध्या मे पत्रकार पाटेश्वरी सिंह पर लोहे की राड से जानलेवा हमला होना जैसी तमाम घटनाओं से आज सच को उजागर करने वाले पत्रकारों मे भय का माहौल बनता जा रहा है।

ऐसे हालातो मे निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता करना पत्रकारों के लिए चुनौती बनता जा रहा है क्योंकि लोग अब अपनी कमियों को छिपाने के लिए उल्टे पत्रकारों पर ही आरोप लगाने लगे हैं। संस्था के अध्यक्ष अनुराग सक्सेना ने कहा कि हर मजलूम की आवाज को प्रमुखता से पत्रकारों द्वारा उठाया जाता है। हमारी ताकत हमारी कलम है। हम समाज की हर खबर को प्रमुखता से तैयार करते हैं परन्तु अपनी ही खबर से दूर रहते हैं।
उन्होंने कहा कि सभी पत्रकार प्रेस कानून और प्रेस काउंसिल आँफ इंडिया द्वारा बनाये गये दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सरकार से,हर प्रदेश में महाराष्ट्र की तर्ज पर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग को पुरजोर तरीके से उठायें। संस्था के सलाहकार डा.ए.के.राय ने कहा कि पत्रकारों पर आये दिन हो रहे हमलों से निजात पाने के लिए सभी पत्रकार साथियों और पत्रकार संगठनों को एकजुट होकर पत्रकार सुरक्षा कानून को पूरे देश में लागू करने के लिए आवाज बुलंद करना होगा। इसके साथ ही साथ किसी पीड़ित पत्रकार की समस्या सामने आने पर उसे प्रमुखता से अपने समाचार में स्थान दें ताकि जल्द से जल्द पीड़ित पत्रकार की समस्या शासन और प्रशासन तक पहुंचे और उसका यथोचित निस्तारण हो सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button